Satyaprem Ki Katha Review in hindi - सत्यप्रेम की कथा मूवी रिव्यू
ऐक्टर: कार्तिक आर्यन ,कियारा आडवाणी, गजराज राव, राजपाल यादव, सुप्रिया पाठक ,शिखा तलसानिया
डायरेक्टर : समीर विद्वांस
श्रेणी:Hindi, कॉमेंडी, ड्रामा, म्यूजिकल
Time :2 Hrs 26 Min
तो कैसी है ये मूवी ? आये बात करते हैं
Satyaprem Ki Katha है 2 घंटे 26 मिनिट की, या आप ड़ाइ घंटा भी बोल सकते हो जिसकी स्टोरी कुछ ऐसी है डोन्ट वरी, स्पॉयलर नहीं दूंगा तो उपर उपर से अगर बताओ, तो स्टोरी है एक गुज्जू लड़के की जिसकी उम्र अब शादी की हो जुकी है जो घर्वालो के नजरों में लूजर है और वो करता है एक लड़की से प्यार और उसी से करना चाहता है शादी अब शादी होती भी है, लेकिन एक twist के साथ अब वो twist क्या है वो तो आपको फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा लेकिन सच कहूँ तो इसका first half मुझे सच में ऐसा लगने लग घया था
कि क्या ही बना दिया है इनोंने? क्योंकि सबकुच यह सा देखा दिखाया, सुना सुनाय सा लग रहा था? और बाल्यूड में ऐसे टॉपिक्स पर हमने बहुत सारी मूवीज, और देख भी लिए है लेकिन second half जैसे ही स्टार्ट होता है, जहां आपको हर एक किर्दार के
first half में ओवर एक्टिंग लगेगी, second half में वही ओवर एक्टिंग रियल आक्टिंग में बदल जाती है, फिलम ने Songs बहुत जादा है, ऐसे पकड़के चौलो कि यह मूवी ही म्यूजिकल है जिसमें गिनने जाओगे तो 7 सॉंग्स है, first half में चार और second half में तीन याने हर पंदरा बीस मिनिट बाद आपको एक सॉंग देखने को मिलेगा जिसमें से कुछ -एक हटा देते तो मूवी के पेस को और भी फास्ट किया जा सकता था, इस मूवी में जिस टॉपिक को चेड़ा गया है वो थोड़ा मचौर आव्डियन्स के लिए है तो ये द्यान में रखना कि मूवी बच्छों केलिए तो बिलकुल भी नहीं है,
अगर 16 या 18 साल से उपर हो तो ही ये मूवी, आप अपने फामिली के साथ देख सकते हो और चिंता न करें क्योंकि फिल्म में कोई अडल्ट सीन नहीं है जिसे आडल्ट मोड में गिना जा सके ,लेकिन कुछ kissing सीन हैं, जिन्हें अपने परिवार के साथ देखना आपको थोड़ा अलग लगेगा, लेकिन इस फिल्म में एक डायलॉग बार-बार आता है. की सच बोलनेसे पहले सोचना क्या ,तो मै भी सच बोलूंगा की हा , हे मूवी one time watch केलिए बहुत अच्छी है
पर लास्ट में पसुरी song जब आता है , तब ऐसा लगता है मनो मूवी ख़त्म होगई , लेकिन उसके बात भी मूवी २० मिनिट तक चलती है ताकि इस फिलम को एक प्रोपर क्लाइमाक्स दिया जा सके लास्त में मूवी को फोर्सफुली ट्रेंच किया जैसा लग रहा था, एक्टिंग वाई सभी नें अच्छा काम तो किया है, लेकिन कार्तिक आर्यन के अक्टिंग वेसी ही है जैसे वो हर मूवी में करते आ रहे है, और इस फिलम में भी पता नहीं क्यू उनके प्यार का पंचनामा वाला कॅरेक्टर नजर आता है, तो शायद कार्तिक को अपने अक्टिंग में थोड़ा सा बदल लाने की जरूरत है
मेरी रेटिंग 4/5 है
यदि आप रोमांटिक और भावुक फिल्मों के प्रशंसक हैं, तो "सत्यप्रेम की कथा" एक अच्छा विकल्प है। इस फिल्म को देखकर आपको प्रेम की महत्वपूर्णता का एक उदाहरण मिलेगा और अपने अंतरंग भावों का साहस महसूस होगा।
